क्रिया किसे कहते हैं?
ऐसे शब्द जो हमें किसी काम के करने या होने का बोध कराते हैं, वे शब्द क्रिया कहलाते हैं।जैसे: पढ़ना, लिखना, पीना, खेलना आदि।
क्रिया के उदाहरण:
- मोहन पुस्तक पढता है।
- मानव धीरे-धीरे चलता है।
क्रिया के भेद बताइए
कर्म, जाति तथा रचना के आधार पर क्रिया के मुख्यतः दो भेद होते है :- अकर्मक क्रिया
- सकर्मक क्रिया।
अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?
जिस क्रिया का फल कर्ता पर ही पड़ता है वह क्रिया अकर्मक क्रिया कहलाती हैं। जैसे :- राम पढता है।इस वाक्य में पढने का फल राम पर ही पड़ रहा है। इसलिए पढता है अकर्मक क्रिया है।
अकर्मक क्रिया के उदाहरण :-
- राजेश दौड़ता है।
- पूजा हंसती है।
- रावण लजाता है।
सकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?
सकर्मक अर्थात कर्म के साथ। जिस क्रिया में कर्म का होना ज़रूरी होता है वह क्रिया सकर्मक क्रिया कहलाती है। इन क्रियाओं का असर कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है।जैसे :-
- विकास पानी पीता है।
इसमें पीता है (क्रिया) का फल कर्ता पर ना पडके कर्म पानी पर पड़ रहा है। अतः यह सकर्मक क्रिया है।
सकर्मक क्रिया के उदाहरण :-
सकर्मक क्रिया के उदाहरण :-
- रमेश फल खाता है।
- मैं बाइक चलाता हूँ।
- सुरेश सामान लाता है।
सकर्मक क्रिया के भेद बताइए
- एककर्मक क्रिया : जिस क्रिया में एक ही कर्म हो तो वह एककर्मक क्रिया कहलाती है। जैसे: रमेश गाड़ी चलाता है।
- द्विकर्मक क्रिया : जिस क्रिया में दो कर्म होते हैं, वह द्विकर्मक क्रिया कहलाती है। पहला कर्म सजीव होता है एवं दूसरा कर्म निर्जीव होता है। जैसे: रमेश ने राधा को रूपये दिए। ऊपर दिए गए उदाहरण में देना क्रिया के दो कर्म है राधा एवं रूपये। अतः यह द्विकर्मक क्रिया के अंतर्गत आएगा।
संरचना के आधार पर क्रिया के भेद
- नामधातु क्रिया : ऐसी धातु जो क्रिया को छोड़कर किन्ही अन्य शब्दों जैसे संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि से बनती है वह नामधातु क्रिया कहते हैं। जैसे:- गर्माना आदि।
- प्रेरणार्थक क्रिया : जिस क्रिया से यह ज्ञात हो कि कर्ता स्वयं काम ना करके किसी और से काम करा रहा है। जैसे: पढवाना, लिखवाना आदि।
- कृदंत क्रिया : जब किसी क्रिया में प्रत्यय जोड़कर उसका नया क्रिया रूप बनाया जाए तब वह क्रिया कृदंत किया कहलाती है। जैसे :- भागता।
- सयुंक्त क्रिया : ऐसी क्रिया जो किन्ही दो क्रियाओं के मिलने से बनती है वह सयुंक्त क्रिया कहलाती है। जैसे: खा लिया , पी लिया आदि।